फर्रुखाबाद। स्वर्गधाम पर पिछले कई वर्षों से मृतकों के परिजनों से दाह संस्कार प्रमाण पत्र जारी करने के नाम पर अवैध वसूली करने वाला कुख्यात कफन खसोट गैंग एक बार फिर न्यायालय में बेनकाब हो गया। माननीय जिला न्यायाधीश ने गैंग के सरगना आर.के. वाजपेई द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया, जिससे स्वर्गधाम सेवा दल और सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई।गौरतलब है कि लगभग एक वर्ष पूर्व स्वर्गधाम से इस गैंग को बाहर कर दिया गया था। इसके बाद से यह गैंग लगातार नए-नए हथकंडे अपनाकर, शासन-प्रशासन को गुमराह करते हुए दोबारा वसूली शुरू करने का प्रयास करता रहा। पहले गैंग द्वारा सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में याचिका दायर कर अपने कृत्यों को सही ठहराते हुए वसूली की अनुमति मांगी गई थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था।सिविल कोर्ट में मामले की पैरवी स्वर्गधाम सेवा दल की ओर से विष्णु नारायण अरोड़ा एवं उनकी पूरी टीम ने की थी, जिसके चलते गैंग को वहां से भी निराशा हाथ लगी। इसके बावजूद गैंग ने हार नहीं मानी और जिला न्यायालय में पुनः याचिका दाखिल की।जिला न्यायालय में स्वर्गधाम सेवा दल के सदस्य एवं फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में अनुभवी अधिवक्ताओं जागेश्वर सिंह कुशवाहा, महेश चंद्र यादव, अनुज तिवारी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने मजबूती से पक्ष रखा। वहीं सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता कृष्णकांत महाजन तथा स्वतंत्र अधिवक्ता विवेक मिश्रा, प्रबल त्रिपाठी आदि ने भी प्रभावी पैरवी की।सभी पक्षों को सुनने के बाद माननीय जिला न्यायाधीश ने यह स्पष्ट किया कि आर.के. वाजपेई और उसका पूरा गैंग मृतकों के परिजनों से जबरन अवैध वसूली करता है और उसे स्वर्गधाम में किसी भी प्रकार की वसूली का कोई अधिकार नहीं है। इसके साथ ही न्यायालय ने गैंग की याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।याचिका खारिज होने पर फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने इसे सत्य और न्याय की जीत बताते हुए कहा कि स्वर्गधाम जैसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी कीमत पर भ्रष्टाचार और अवैध वसूली को पनपने नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यहां आने वाला व्यक्ति पहले से ही अत्यंत दुखी होता है और ऐसे समय में उसके साथ किसी भी प्रकार की लूट स्वीकार नहीं की जा सकती।इस फैसले पर स्वर्गधाम सेवा दल से जुड़े विष्णु नारायण अरोड़ा, सरदार गुरविंदर सिंह, कुकू रामदास गुप्ता, सत्यपाल सिंह, प्रबल्लभ, सौरभ पांडे, कोमल पांडे, सरोज सिंह, श्यामेंद्र दुबे, आलोक मिश्रा भूरे, विनय दीक्षित, मुकेश सक्सेना, राम मोहन भल्ला, राजेंद्र सक्सेना, राजा मिश्रा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की और न्यायालय के फैसले का स्वागत किया।
