बाबू सिंह दददू जी कोल्ड स्टोरेज में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार शुभ मुहूर्त में आलू भंडारण का शुभारंभ, किसानों को मिलेगी राहत

दिनांक 10 फरवरी 2026 को जनपद फर्रुखाबाद के बेवर रोड स्थित बघार में संचालित बाबू सिंह दददू जी कोल्ड स्टोरेज एल0एल0पी0 में आलू भंडारण सत्र का शुभारंभ शुभ मुहूर्त में हवन-पूजन एवं विधि-विधान के साथ किया गया। यह कार्यक्रम प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार आयोजित किया गया, जिसमें भंडारण कार्य शुरू होने से पूर्व ईश्वर से किसानों की खुशहाली, फसल की सुरक्षा एवं सफल सत्र की कामना की जाती है।

हवन-पूजन के उपरांत कोल्ड स्टोरेज परिसर में उपस्थित किसानों और अतिथियों को संबोधित करते हुए डॉक्टर अनार सिंह, कुलाधिपति ने कहा कि कृषि आधारित अर्थव्यवस्था में कोल्ड स्टोरेज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आलू किसानों की मेहनत की फसल है और यदि इसका सही ढंग से भंडारण न हो तो पूरे वर्ष की मेहनत पर पानी फिर जाता है। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त कोल्ड स्टोरेज किसानों के लिए वरदान साबित होते हैं। उन्होंने प्रबंधन द्वारा प्रतिवर्ष परंपरागत रूप से शुभारंभ करने की पहल की सराहना करते हुए इसे भारतीय संस्कृति और किसान सम्मान से जुड़ा बताया।

इस अवसर पर बाबू सिंह दददू जी कोल्ड स्टोरेज के संचालक ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ नहीं, बल्कि क्षेत्र के किसानों को स्थायी समाधान देना है। उन्होंने बताया कि कोल्ड स्टोरेज में आलू को सुरक्षित रखने के लिए आधुनिक तकनीक, उचित तापमान नियंत्रण और बेहतर प्रबंधन व्यवस्था अपनाई गई है, ताकि किसानों की उपज खराब न हो और उन्हें उचित मूल्य मिल सके। संचालक ने यह भी कहा कि किसानों का विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है, और उसी विश्वास के कारण यह परंपरा हर वर्ष निभाई जाती है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, व्यापारी एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे। किसानों ने बताया कि आलू की फसल तैयार होने के बाद सबसे बड़ी समस्या भंडारण की होती है। कोल्ड स्टोरेज की कमी, अधिक किराया, समय पर नंबर न लग पाना और फसल खराब होने का डर किसानों को आर्थिक रूप से कमजोर कर देता है। कई बार मजबूरी में उन्हें औने-पौने दामों पर आलू बेचना पड़ता है।

बाजार में आलू के भाव में उतार-चढ़ाव भी किसानों के लिए चिंता का विषय बना रहता है। ऐसी स्थिति में बाबू सिंह दददू जी कोल्ड स्टोरेज जैसे संस्थान किसानों को राहत प्रदान करते हैं। यह प्रतिवर्ष होने वाला शुभारंभ न केवल एक परंपरा है, बल्कि किसानों के लिए भरोसे और सहयोग का प्रतीक भी है।

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