फतेहगढ़, फर्रुखाबाद। 13 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी डिजी शक्ति योजना के अंतर्गत कानपुर रोड स्थित मेजर एस डी सिंह यूनिवर्सिटी, फतेहगढ़ परिसर में भव्य टैबलेट एवं स्मार्टफोन वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ना, उन्हें आधुनिक तकनीक से परिचित कराना तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित नवीनतम तकनीकी कौशल सीखने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान कुल 294 छात्र-छात्राओं को टैबलेट एवं स्मार्टफोन वितरित किए गए। जैसे ही विद्यार्थियों के नाम पुकारकर उन्हें मंच पर आमंत्रित किया गया, सभागार में उत्साह और खुशी का माहौल देखने को मिला। छात्रों के चेहरे पर प्रसन्नता साफ झलक रही थी। यह पहल न केवल डिजिटल संसाधनों तक उनकी पहुंच को आसान बनाएगी, बल्कि उन्हें ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, वर्चुअल क्लास और रिसर्च कार्य से भी जोड़ेगी।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. अनार सिंह रहे। उन्होंने अपने हाथों से टेबलेट /स्मार्ट फ़ोन वितरित कर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय डिजिटल क्रांति का युग है और शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रदेश का प्रत्येक युवा तकनीकी रूप से सशक्त बने और भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहे। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे इन उपकरणों का उपयोग केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि ज्ञानवर्धन, नवाचार और आत्मविकास के लिए करें। उन्होंने यह भी कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और डिजिटल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र आने वाले समय में युवाओं के लिए अपार संभावनाएं लेकर आएंगे।
विश्वविद्यालय की फैकल्टी ऑफ फार्मेसी की डीन डॉ. बिंदु राठौर ने अपने हाथों से छात्र-छात्राओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित किए। उन्होंने कहा कि डिजिटल उपकरणों के माध्यम से विद्यार्थी अपने पाठ्यक्रम को अधिक प्रभावी ढंग से समझ सकेंगे। ई-बुक्स, ऑनलाइन जर्नल्स और शैक्षणिक वीडियो के जरिए सीखने की प्रक्रिया और अधिक सरल व रोचक बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि तकनीक का सही उपयोग ही उन्हें सफलता की नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय की चेयरपर्सन डॉ. अनीता यादव, वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार, डिप्टी रजिस्ट्रार सहित सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे। शिक्षकों ने भी सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल साधनों के माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया में गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों बढ़ेंगी।
कार्यक्रम के अंत में छात्र-छात्राओं ने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। डिजी शक्ति योजना के माध्यम से प्रदेश सरकार युवाओं को डिजिटल रूप से सशक्त बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर और भविष्य के लिए तैयार बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। यह आयोजन उसी संकल्प का एक सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।
