लखनऊ में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर के बाद शिया समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे और भावनात्मक नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा, “तुम कितने खामेनेई मारोगे, हर घर से खामेनेई निकलेगा। शेर था, एक मरेगा, हजार आएंगे।”प्रदर्शन मुख्य रूप से पुराने लखनऊ के इलाकों में देखा गया, जहां शिया आबादी अधिक है। लोगों ने हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जुलूस निकाला और खामेनेई को “मजहबी और राजनीतिक नेता” बताते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी। कई स्थानों पर धार्मिक नारेबाजी भी हुई। स्थिति को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया।प्रदेश में संभावित तनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में शिया समुदाय की आबादी अधिक है, वहां विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें जौनपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, मुजफ्फरनगर और मेरठ शामिल हैं। सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को लगातार निगरानी रखने और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।पुलिस अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि किसी तरह की भड़काऊ या अफवाह फैलाने वाली पोस्ट को तुरंत रोका जा सके। साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है और किसी भी भ्रामक सूचना पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान स्थिति नियंत्रित रही, हालांकि कुछ स्थानों पर हल्की नारेबाजी और भीड़ के चलते यातायात प्रभावित हुआ। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून-व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि कानून-व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सभी संवेदनशील इलाकों में पुलिस और पीएसी की तैनाती की गई है।फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन पुलिस पूरी सतर्कता के साथ हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
