पटना। ऑल इंडिया पसमान्दा मुस्लिम समाज की राष्ट्रीय टीम ने बिहार की राजनीतिक पार्टियों से पसमान्दा समाज को उसका संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार देने की जोरदार माँग उठाई है। संगठन ने विशेष रूप से जनता दल और राष्ट्रीय जनता दल से अपील की है कि वे राज्यसभा और अन्य सदनों में पसमान्दा समाज को उचित प्रतिनिधित्व दें।
संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि बिहार में पसमान्दा समाज की आबादी लगभग 85 प्रतिशत है, लेकिन इसके बावजूद उच्च सदन (राज्यसभा) और निम्न सदन (विधानसभा/लोकसभा) में इस समाज का कोई प्रभावी प्रतिनिधि मौजूद नहीं है। संगठन ने इसे लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की मूल भावना के विपरीत बताया।
राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. शाकिर अली ने कहा कि पसमान्दा समाज लंबे समय से सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक पिछड़ेपन का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी जनसंख्या होने के बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व से वंचित रहना यह दर्शाता है कि मुख्यधारा की राजनीति में इस समाज को उसका वाजिब हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे राज्यसभा सदस्य के रूप में किसी योग्य पसमान्दा प्रतिनिधि को चुनकर समाज को उसका अधिकार दिलाएँ।
बिहार प्रदेश अध्यक्ष सद्रे आलम ने भी इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि जब तक पसमान्दा समाज को संसद और विधानसभाओं में उचित भागीदारी नहीं मिलेगी, तब तक शिक्षा, रोजगार, सामाजिक न्याय और विकास से जुड़ी वास्तविक समस्याओं का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधित्व के अभाव में समाज की आवाज़ नीति-निर्माण के स्तर तक नहीं पहुँच पाती।
संगठन की राष्ट्रीय टीम ने अंत में बिहार की सभी राजनीतिक पार्टियों से मिलकर ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर वर्ग को उसकी जनसंख्या और सामाजिक स्थिति के अनुरूप प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, तभी समावेशी विकास और सामाजिक न्याय का लक्ष्य पूरा हो सकेगा।
