फर्रुखाबाद : फतेहगढ़ केजेएनपी रोड पर स्थित एक पब्लिक स्कूल के सिल्वर जुबली कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ला जी

फर्रुखाबाद : फतेहगढ़ केजेएनपी रोड पर स्थित एक पब्लिक स्कूल के सिल्वर जुबली कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ला जी को पुलिस विभाग की तरफ से गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया तो वहीं सेवा के बैंड द्वारा स्वागत ध्वनि बजाकर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मेधावी छात्रो, शिक्षको आदि को सम्मानित किया। वहीं कार्यक्रम की बेहतर व्यवस्था करने को लेकर व्यवस्थापक सत्यमोहन पांडे जी की सराहना की, सेना के बहन ने राष्ट्रगान कराया उसके बाद कार्यक्रम संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि फर्रुखाबाद की भूमि पर बहुत वर्षों बाद आया हूं। पहले यहां अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यक्रम भी आता था। उन्होंने संबोधन के दौरान विश्व हिंदू परिषद के पूर्व प्रांतीय मंत्री स्वर्गीय ब्रह्म दत्त अवस्थी को याद किया। कहा कि जब वह यहां आते थे तभी उनका सानिध्य मिलता था। इसके बाद भाजपा के कद्दावर नेता रहे पूर्व मंत्री स्वर्गीय ब्रह्म दत्त द्विवेदी को याद किया। भाजपा की राजनीति की तो तो स्व0 ब्रह्मदत्त द्विवेदी का सानिध्य मिलता रहा। आगे कहा जब शिमला में आकर इस कार्यक्रम के लिए निमंत्रण दिया गया तो अच्छा लगा। सोचा चलो फर्रुखाबाद चलता हूं। पुराने लोगों के साथ विचार विमर्श करता हूं। उन्होंने संबोधन के दौरान कवि शिव ओम अम्बर का नाम लेकर कहा उनको कुछ भी करने का अधिकार है। हम लोगों को सुनने का अधिकार है। कहा मैं पहली बार इस विद्यालय में आया हूं। 25 गौरवपूर्ण वर्ष विद्यालय ने पूर्ण किए हैं। उन्होंने विद्यालय के सफल संचालन के लिए सत्य मोहन पाण्डेय सहित प्रबंध समिति को धन्यवाद दिया।

इतिहास का किया जिक्र

राज्यपाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा जो इतिहास में पढ़ाया जाता था उसमें अनेक ऐसे अंश थे जो भारतीय पृष्ठभूमि के साथ नहीं थे। फिर भी उनको जोड़ा गया था। आज जो शिक्षा की पद्धति है शिक्षा के संदर्भ में जो विचार किया जा रहा है। वह भारतीयता को जोड़कर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवर्तन गणित और विज्ञान में नहीं किया जा सकता। यह जरूर है लोगों ने जो परिवर्तन किया उसे परिवर्तन में अनेक ऐसे अंश थे जो समाज का मार्गदर्शन करते थे। हम लोगों ने पढ़ा था कबीर को भी पढ़ा, रहीम को भी पढ़ा था, सूरदास जी को भी पढ़ा था, तुलसीदास जी को भी पढ़ा था। समय के साथ-साथ लोगों ने इन सभी को नेपत्र में डालने का कार्य किया। अपने अनुसार सब कुछ बनाया, इतिहास भी बनाया। आज जब भारत और भारतीयता के आधार पर लिखने का कार्य होता है तो लोगों को थोड़ा कष्ट हो जाता है। व्यवस्था परिवर्तन से लोगों को जाने कौन सी मिर्ची लग जाती है। उन्होंने कहा युवाओं के हाथों में कुछ दिनों बाद देश की बागडोर आएगी। विभिन्न विभागों में वह नायक के रूप में रहेंगे। विभिन्न तौर पर निर्णय लेने की क्षमता उनके अंदर होगी। कहा विद्यालय चलाने वाले लोगों को सोचना होगा जिन लोगों के कंधे पर देश की बागडोर देने जा रहे हैं। उनको अच्छी शिक्षा देने का भी कार्य करें। पब्लिक स्कूल केवल प्राइवेट स्कूल के रूप में जाने जाते हैं। उसे पब्लिक स्कूल में सरकारी व्यवस्था के अनुसार अगर सीटों को देने की बात हो तो देनी चाहिए। राज्यपाल ने शिमला के एक पुराने स्कूल का भी नाम लिया कहा वह पुराना स्कूल है। कहा पहले डायटोन के आधार पर यह पता चल जाता था कि किसका टेलीफोन है। कहा कि नंबर पर उंगली घुमाते हुए सैकड़ो टेलीफोन याद रहा करते थे। कहा कि आज फोन के बढ़ते हुए प्रभाव में उनको यही नहीं मालूम होगा उन्हें अपने परिवार के लोगों का नंबर भी याद नहीं होगा। कहा नंबर मोबाइल में फीड है बात हो जाती है लेकिन नंबर याद नहीं होगा। कहा अब एआई का समय आ रहा है। अधिवक्ता भी एआई का प्रयोग करने लगे हैं। अधिवक्ता पहले रात के 12 बजे तक बैठकर अपनी मिशन तैयार किया करता था। अपनी बहस के विषय तैयार किया करता था। कहा अब अधिवक्ता एआई पर चार अक्षर बोल देता है। पूरी की पूरी कॉपी एआई तैयार करके दे देता है। अधिवक्ता उसी पर बहस कर चला आता है। उन्होंने कहा पद की मर्यादा के अनुसार राजनीतिक विषय पर कुछ नहीं कह सकता हूं। इसके साथ ही शिव ओम अंबर का नाम लेकर संबोधन को समाप्त किया। वहीं अंत में राजपूत रेजीमेंट से आए सैनिकों ने राष्ट्रीय गान कराया।

शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षा देने का करना चाहिए कार्य

मीडिया से बात करते हुए राज्यपाल ने कहा शिक्षा नीति के अनुसार सभी विद्यालयों को शिक्षा देने का कार्य करना चाहिए। वर्तमान शिक्षा पद्धति को अपनाकर भारत और भारतीयता को बच्चों को बताना चाहिए। संबोधन के दौरान व्यवस्था परिवर्तन के बदलाव पर मिर्ची लगने की राज्यपाल ने बात कही थी इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कही गलत को मैने नहीं कहा। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक व्यवस्था को दिया जनधन खाता खोला जाए। सभी बैंकों ने घर-घर जाकर खाता खोलने का कार्य किया। उन्होंने कहा किसी एक प्रधानमंत्री ने कहा था हम ₹1 भेजते हैं 15 पैसा पहुंचता है। आज जनधन खाते में नरेंद्र मोदी द्वारा₹1 भेजने पर पूरा ₹1 खाते में पहुंचता है। यही व्यवस्था परिवर्तन है। आज दुनिया में इलेक्ट्रॉनिक स्थिति में भारत आज उन देशों में बहुत शामिल हो गया है जो एक नहीं करोड़ों मोबाइल बनाकर विश्व में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। यह भी एक व्यवस्था परिवर्तन ही है। प्रधानमंत्री के बाहर जाने के बाद दूसरे देश का प्रधानमंत्री कहता हो मोदी माई बॉस। कहा कभी कहा गया था कि भारत शिक्षा में नालंदा और तक्षशिला को लेकर चलता है। आज दूसरे देश के लोग कहते हैं मोदी इज बॉस यही सबसे बड़ी व्यवस्था परिवर्तन है।

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