फर्रुखाबाद जनपद से एक गंभीर ठगी और आपराधिक धमकी का मामला सामने आया है। पीड़ित आर्य सिंह पुत्र जदुनाथ सिंह सिंह, निवासी ग्राम अरसानी, थाना कोतवाली मोहम्मदाबाद, जनपद फर्रुखाबाद ने एक लिखित प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 में उसके साथ नौकरी लगवाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी की गई। पीड़ित के अनुसार दीपक भदौरिया पुत्र सुरेशचंद्र भदौरिया, निवासी ग्राम हाँथिन, थाना छिबरामऊ, जनपद कन्नौज ने सचिवालय में कंप्यूटर ऑपरेटर व आरओ/एआरओ पद पर उसकी पत्नी को नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।
पीड़ित का कहना है कि आरोपी ने भरोसे में लेकर अलग-अलग माध्यमों से उससे बड़ी रकम व कीमती जेवरात ले लिए। पीड़ित द्वारा यूपीआई के माध्यम से खाता संख्या 1425104000027724 पर लगभग 3 लाख 45 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए, जबकि करीब 8 लाख 30 हजार रुपये नकद दिए गए। इसके अतिरिक्त लगभग 8 लाख रुपये मूल्य के जेवर भी आरोपी को सौंपे गए। नौकरी न लगने पर जब पीड़ित ने अपनी रकम और जेवर वापस मांगे तो आरोपी ने बार-बार आश्वासन दिया, लेकिन आज तक कोई पैसा वापस नहीं किया गया।
पीड़ित ने बताया कि जब काफी समय बीत जाने के बाद भी धनराशि वापस नहीं मिली तो उसने अपने अधिवक्ता अमित कुमार गोरखामी के माध्यम से आरोपी को विधिक नोटिस भिजवाया। इसके बावजूद आरोपी ने न तो नोटिस का जवाब दिया और न ही पैसे लौटाए। पीड़ित का आरोप है कि उसने कई बार आरोपी दीपक भदौरिया के मोबाइल नंबर 8299765230 पर संपर्क किया, लेकिन हर बार सिर्फ टालमटोल की जाती रही।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब 11 जनवरी 2026 को आरोपी दीपक भदौरिया एक अन्य अज्ञात व्यक्ति के साथ पीड़ित के घर पहुंचा। आरोप है कि आरोपी ने पीड़ित को गालियां दीं और साफ शब्दों में कहा कि वह पैसे वापस नहीं करेगा, जो करना है कर लो। पीड़ित का यह भी आरोप है कि जब उसने पैसे वापस मांगने पर जोर दिया तो आरोपी ने जान से मारने की धमकी दी और मारपीट करने की बात कही। पीड़ित के अनुसार यह रकम वसीम खान और राघवेंद्र सिंह के सामने दी गई।
पीड़ित का कहना है कि उसके साथ धोखाधड़ी कर उसकी गाढ़ी कमाई हड़प ली गई है और अब उसे खुलेआम धमकाया भी जा रहा है। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसकी शिकायत दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि उसे न्याय मिल सके और भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
फिलहाल पीड़ित ने संबंधित अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट दर्ज करने और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। मामला नौकरी के नाम पर ठगी, विश्वासघात और आपराधिक धमकी से जुड़ा होने के कारण चर्चा का विषय बना हुआ है।
