फर्रुखाबाद। जनपद फर्रुखाबाद से होकर गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर स्थित गंगा नदी और रामगंगा नदी के पुलों के निर्माण को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति सामने आई है। प्राप्त आधिकारिक पत्राचार के अनुसार इन दोनों पुलों के निर्माण कार्य को वर्ष 2025-26 की वार्षिक कार्य योजना में शामिल कर लिया गया है तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में इसके अनुमोदन की संभावना जताई गई है। इस संबंध में जनप्रतिनिधि मुकेश राजपूत जी की पहल को अहम माना जा रहा है।

जानकारी के मुताबिक जनप्रतिनिधि मुकेश राजपूत जी ने अपने पत्र संख्या MPLS/ND/18223/2025 दिनांक 08.12.2025 के माध्यम से संबंधित विभाग को अवगत कराते हुए जनपद फर्रुखाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर स्थित गंगा नदी एवं रामगंगा नदी पर पुलों के पुनर्निर्माण की मांग की थी। उन्होंने पत्र में क्षेत्र की जनसमस्याओं, बढ़ते यातायात दबाव और पुलों की जर्जर स्थिति का उल्लेख करते हुए शीघ्र निर्माण की आवश्यकता पर बल दिया था।
उक्त पत्र के प्रत्युत्तर में नितिन गडकरी, मंत्री, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग, भारत सरकार की ओर से अवगत कराया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-730 पर स्थित गंगा नदी एवं रामगंगा नदी पर पुलों के निर्माण कार्य का प्रस्ताव वार्षिक कार्य योजना 2025-26 में सम्मिलित है तथा इसे वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुमोदित किया जाना संभावित है। इस आधिकारिक जानकारी के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है और इसे जनप्रतिनिधि के सतत प्रयासों की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजमार्ग-730 जनपद फर्रुखाबाद को अन्य जिलों और राज्यों से जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है। इस मार्ग पर प्रतिदिन भारी संख्या में छोटे-बड़े वाहन संचालित होते हैं। गंगा और रामगंगा नदियों पर बने वर्तमान पुलों की स्थिति को लेकर लंबे समय से स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों द्वारा चिंता व्यक्त की जाती रही है। बरसात के मौसम में यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हो जाती है, जिससे लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
यदि वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति मिल जाती है तो नए पुलों के निर्माण से यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित और सुचारु हो सकेगी। इससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है तथा व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों और ग्रामीण अंचलों के निवासियों को शहर तक पहुंचने में सुविधा होगी और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
जनप्रतिनिधि मुकेश राजपूत जी द्वारा इस विषय को केंद्रीय स्तर पर उठाया जाना क्षेत्र की जनता के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है। अब सभी की निगाहें आगामी वित्तीय वर्ष में मिलने वाली अंतिम स्वीकृति और निर्माण कार्य की शुरुआत पर टिकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि आवश्यक प्रशासनिक एवं तकनीकी प्रक्रियाएं पूर्ण होने के बाद शीघ्र ही यह बहुप्रतीक्षित परियोजना धरातल पर दिखाई देगी।
