फर्रुखाबाद, 26 मार्च। जनपद में प्राइवेट स्कूलों द्वारा एडमिशन फीस, कॉपी-किताब और अन्य शैक्षिक सामग्री को लेकर अभिभावकों पर बनाए जा रहे दबाव के विरोध में गुरुवार को फर्रुखाबाद विकास मंच के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अभिभावक और जागरूक नागरिक जिलाधिकारी कार्यालय फतेहगढ़ पहुंचे। जिलाधिकारी के अवकाश पर होने के कारण प्रदर्शनकारियों ने अपना ज्ञापन उपजिलाधिकारी फर्रुखाबाद को सौंपा।
फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में दिए गए इस ज्ञापन में छह प्रमुख मांगें रखी गईं। इनमें निजी स्कूलों में कथित रूप से चल रही मनमानी वसूली पर रोक लगाने, सभी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी की पुस्तकों को लागू करने और निजी प्रकाशकों की किताबों पर प्रतिबंध लगाने की मांग शामिल है। साथ ही हर वर्ष लिए जाने वाले प्रवेश शुल्क को समाप्त करने और मासिक फीस की पूरी जानकारी रसीद में स्पष्ट रूप से देने की भी मांग की गई।
भईयन मिश्रा ने कहा कि जनपद के अधिकांश निजी स्कूल अभिभावकों से जबरन निर्धारित दुकानों से ही किताबें और अन्य सामग्री खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने आरोप लगाया कि नर्सरी स्तर की शिक्षा का खर्च एक लाख रुपये से अधिक पहुंच चुका है, जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तीन दिनों के भीतर प्रशासन द्वारा मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन चौक पर धरना प्रदर्शन करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिला महामंत्री अंगद पांडे ने भी प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई का स्तर गिरता जा रहा है, जबकि फीस और अन्य खर्च लगातार बढ़ाए जा रहे हैं, जो आम परिवारों के लिए असहनीय हो चुका है।
ज्ञापन देने के दौरान राजा मिश्रा, ओमनिवास पाठक, निश्चित दुबे, डॉ पंकज राठौर, अवनीश त्रिवेदी, बाबू अग्निहोत्री, उमेश जाटव, रजत वर्मा, आयुष सक्सेना, अभिषेक श्रीवास्तव, सनी बाथम, विष्णु मिश्रा, शिवांग बाजपेई, सुमित भल्ला, महेश चंद्र, बंटी यादव, दीपक कनौजिया, कुलदीप दीक्षित, अजय मिश्रा, अनुज तिवारी, रंजीत दीक्षित, नितेश पांडे सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
