खुली गुंडागर्दी: रिटायर्ड फौजी को सपा नेता आदित्य राठौर ने गैंग के साथ बनाया बंधक, की मारपीट

फर्रुखाबाद।
जनपद में एक बार फिर गैंगस्टर और भूमि माफिया के आरोपी पूर्व सपा नेता आदित्य सिंह राठौर की दबंगई सामने आई है। रविवार देर शाम शराब के नशे में आदित्य राठौर ने अपने गैंग के साथ मिलकर रिटायर्ड फौजी को बंधक बना लिया और जमकर मारपीट की। हैरानी की बात यह रही कि मामला कोतवाली पहुंचने पर दोनों पक्षों को केवल “बिठा” दिया गया, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, हैदरपुर निवासी रिटायर्ड फौजी की लाइसेंसी राइफल कुछ दिन पहले आदित्य राठौर उर्फ ए.के. आदित्य के पास थी। फौजी जब अपनी राइफल वापस लेने कादरी गेट थाना क्षेत्र के मसेनी स्थित आदित्य राठौर के अस्थायी मकान पर पहुँचा, तो वहाँ पहले से ही शराब का दौर चल रहा था। उसी दौरान आदित्य राठौर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उसे कमरे में बंधक बना लिया और बेरहमी से पीटा।

आदित्य राठौर के साथ इस पूरी वारदात में उसके करीबी साथी और शातिर अपराधी रामू कटियार का नाम सामने आया है, जो अपने पिता की हत्या के मामले में भी आरोपी रह चुका है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गैंग लंबे समय से फर्रुखाबाद में सक्रिय है और स्थानीय लोगों में भय का माहौल बनाए रखता है।

रिटायर्ड फौजी को बंधक बनाकर पीटने के बाद, आदित्य और उसके साथियों ने कोतवाली फतेहगढ़ जाकर खुद ही मामले को “सुलझाने” का प्रयास किया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ने दोनों पक्षों को बैठा लिया, जबकि मारपीट और अवैध हथियार कब्जे का मामला दर्ज करने की कोई कार्रवाई नहीं की गई।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि आदित्य राठौर वर्तमान में शातिर वकील अवधेश मिश्रा के गिरोह का प्रमुख सदस्य है और उसके संरक्षण में ही खुलेआम गुंडई करता है। उसका ठिकाना मसेनी क्षेत्र में स्थित रामू कटियार के मकान में बताया जा रहा है, जहाँ से गैंग कई आपराधिक गतिविधियाँ संचालित करता है।
पूर्व सपा नेता आदित्य राठौर का नाम पहले भी कई गंभीर मामलों में सामने आ चुका है। सपा सरकार के दौरान वह आतंक का पर्याय माना जाता था और जमीन कब्जे, धमकी, रंगदारी जैसे मामलों में सक्रिय था। भाजपा सरकार आने के बाद उसे भू-माफिया घोषित किया गया था, लेकिन अब भी वह फर्रुखाबाद में अपने नेटवर्क के जरिए सक्रिय बना हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, मामले की जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुँच चुकी है। उच्चाधिकारियों ने घटना की रिपोर्ट तलब की है, परंतु खबर लिखे जाने तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
ग्रामीणों और पूर्व सैनिकों ने माँग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जाँच कर आदित्य राठौर, रामू कटियार और उनके संरक्षक वकील अवधेश मिश्रा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि कानून व्यवस्था पर जनता का विश्वास बहाल हो सके।

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