
मोहम्मदाबाद, फर्रुखाबाद (यूपी):
राष्ट्रीय राजमार्ग NH-730 के चौड़ीकरण कार्य के दौरान बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्थानीय नागरिकों ने सोशल एक्टिविस्ट के रूप में चर्चित योगेन्द्र राय और उनके साथियों पर प्रतिमा की बाउंड्री तोड़ने और स्थल को नुकसान पहुँचाने का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव और आक्रोश की स्थिति है।
लगभग 45 वर्ष पूर्व प्रशासन की अनुमति से स्थापित की गई यह प्रतिमा स्थानीय लोगों के लिए सिर्फ एक प्रतीक भर नहीं, बल्कि सम्मान और गौरव का प्रतीक मानी जाती है। ग्रामीणों के अनुसार NH-730 के चौड़ीकरण कार्य के दौरान बिना किसी प्रशासनिक निर्देश, सूचना या सहमति के प्रतिमा के आसपास बाउंड्री दीवार को तोड़ दिया गया। इससे न केवल प्रतिमा को क्षति पहुँची बल्कि आसपास की संरचना भी टूट-फूट गई।
स्थानीय निवासी बताते हैं कि सोशल एक्टिविस्ट माने जाने वाले योगेन्द्र राय और उनके साथी बीते कई दिनों से प्रतिमा को हटाने का आग्रह कर रहे थे। ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने प्रतिमा को दूसरी जगह लगाने और क्षतिपूर्ति देने का आश्वासन दिया था, किंतु अब तक न तो प्रतिमा सुरक्षित स्थानांतरित की गई और न ही मुआवजा प्रदान किया गया। वहीं, इस बात को लेकर भी लोगों में रोष है कि प्रशासन की अनुपस्थिति में प्रतिमा स्थल पर जेसीबी मशीन चलाए जाने से धार्मिक-सामाजिक भावनाएँ आहत हुई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि प्रतिमा स्थल 45 वर्षों से यथास्थान पर स्थापित है और कभी किसी प्रकार की आपत्ति या कानूनी विवाद नहीं रहा। ऐसे में बिना आदेश और बिना नोटिस के पहुँचे व्यक्तियों द्वारा प्रतिमा स्थल को तोड़ने का प्रयास असंवैधानिक और अस्वीकार्य है। लोगों ने आरोप लगाया कि यह संविधान निर्माता बाबा साहेब के प्रति खुला अपमान है, जो किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्थानीय समुदाय ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने, प्रतिमा स्थल की पुनर्स्थापना कराने तथा आरोपित योगेन्द्र राय और उनके साथियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलनात्मक कदम उठाए जा सकते हैं।
घटना के बाद प्रशासन के अधिकारी मामले की जाँच में जुट गए हैं। पुलिस ने भी मौके का निरीक्षण कर तथ्यों को संकलित किया है। हालांकि रिपोर्ट दर्ज होने और कार्रवाई शुरू होने की ग्रामीण अभी भी प्रतीक्षा कर रहे हैं।
फिलहाल NH-730 चौड़ीकरण कार्य विवाद में बदल गया है और स्थानीय जनता की भावनाएँ इस मुद्दे से गहराई से जुड़ चुकी हैं। आगे का निर्णय प्रशासन की कार्रवाई और जांच के परिणाम पर निर्भर करेगा।
