फर्रुखाबाद। भारतीय संविधान के शिल्पी एवं महान समाज सुधारक बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मानव जीवन सेवा संस्था के तत्वाधान में मोहम्मदाबाद के तकीपुर में एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों से जुड़े गणमान्य लोगों ने एकत्र होकर बाबा साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।कार्यक्रम में मुख्य रूप से डॉ साकिर अली, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम समाज, कुलदीप पाल, जिला पंचायत सदस्य फर्रुखाबाद, सुनील कुमार आर्य, राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर, शाह क्रांतिकारी समाज पार्टी भारत वर्ष, आनंद गिहार, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रहित इंडियन पार्टी तथा रहबर अमान सिद्दीकी, डायरेक्टर, गार्डन पैलेस लखनऊ सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।सभी अतिथियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। कार्यक्रम का माहौल पूरी तरह से सामाजिक समरसता और भाईचारे के संदेश से ओत-प्रोत रहा। वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए बाबा साहब के जीवन, संघर्ष और उनके द्वारा समाज के वंचित वर्गों के लिए किए गए कार्यों को याद किया।इस अवसर पर डॉ साकिर अली ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज के हर वर्ग को समान अधिकार दिलाने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि आज भी बाबा साहब के विचार उतने ही प्रासंगिक हैं जितने उनके समय में थे। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर समाज में समानता, शिक्षा और न्याय की स्थापना करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से शिक्षा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जब तक समाज का हर व्यक्ति शिक्षित नहीं होगा, तब तक वास्तविक सामाजिक परिवर्तन संभव नहीं है।कुलदीप पाल ने कहा कि बाबा साहब का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ा और संविधान के माध्यम से देश को एक मजबूत आधार दिया। वहीं सुनील कुमार आर्य ने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि बाबा साहब का सपना एक ऐसे समाज का था जहां किसी के साथ भेदभाव न हो।आनंद गिहार ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के युवाओं को बाबा साहब के विचारों को समझने और अपनाने की जरूरत है। वहीं रहबर अमान सिद्दीकी ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम समाज में जागरूकता लाने का काम करते हैं और लोगों को अपने अधिकारों के प्रति सजग बनाते हैं।कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने और समाज में भाईचारे, समानता एवं न्याय को बढ़ावा देने का संकल्प लिया। यह आयोजन क्षेत्र में सामाजिक एकता और जागरूकता का एक महत्वपूर्ण संदेश देने में सफल रहा।
