फर्रुखाबाद।जनपद के शुकरुल्लापुर रेलवे क्रॉसिंग पर करीब ₹27.49 करोड़ की लागत से निर्मित रेलवे ओवरब्रिज पहली ही बारिश में गुणवत्ता पर सवाल खड़े करता नजर आया। बुधवार को हुई बारिश के बाद रेलवे ट्रैक के ऊपर बने पुल का ज्वाइंट लगभग चार इंच तक धंस गया, जबकि सड़क का एक हिस्सा भी बैठ गया। संभावित हादसे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पुल पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन बंद कर दिया।जानकारी के अनुसार, रेलवे के ठेकेदार द्वारा पुल की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है, जो 12 जुलाई तक पूरा होने की संभावना है। इस दौरान दिल्ली-कायमगंज मार्ग से आने-जाने वाले वाहनों को हजियापुर/हथियापुर होते हुए नवाबगंज-मंझना मार्ग से डायवर्ट किया गया है, ताकि यातायात सुचारु रूप से संचालित हो सके।स्थानीय लोगों का कहना है कि ओवरब्रिज के निर्माण में शुरुआत से ही तकनीकी कमियां सामने आती रही हैं। बताया जा रहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी सेतु निगम ने तकनीकी खामियों के कारण पुल को अभी तक लोक निर्माण विभाग (PWD) को औपचारिक रूप से हस्तांतरित नहीं किया था। इसके बावजूद पुल पर वाहनों का संचालन शुरू कर दिया गया। बताया जाता है कि पिछले लगभग दो वर्षों में इस पुल की तीन से चार बार मरम्मत भी कराई जा चुकी है।उधर, फतेहगढ़-फर्रुखाबाद मार्ग स्थित भोलेपुर ओवरब्रिज भी अपनी बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। पुल पर जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण बारिश का पानी लंबे समय तक जमा रहता है। निकासी के लिए बनाए गए छेद सड़क की सतह से ऊंचे होने के कारण पानी बाहर नहीं निकल पाता, जिससे पुल पर जलभराव की समस्या बनी रहती है और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।दोनों ओवरब्रिजों की स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और संबंधित एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराकर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माण एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा दोनों पुलों की स्थायी और गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है।
