फर्रुखाबाद/मोहम्मदाबाद।फर्रुखाबाद जिले के मोहम्मदाबाद क्षेत्र स्थित गैसिंगपुर गैस प्लांट के पास सोमवार सुबह ग्राम समाज की जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया। जमीन पर कब्जे के विवाद ने देखते ही देखते खूनी रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे, पथराव और फायरिंग हुई, जिसमें प्रधान प्रतिनिधि समेत सात लोग घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल प्रधान प्रतिनिधि को प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, निसाई गांव की लगभग एक बीघा ग्राम समाज की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि सोमवार सुबह मुड़गांव गांव के कुछ लोग हथियारों और लाठी-डंडों से लैस होकर विवादित जमीन पर कब्जा करने पहुंचे। सूचना मिलने पर निसाई गांव की प्रधान गीता देवी के पति एवं प्रधान प्रतिनिधि सत्येंद्र अपने बेटों अभय और अमन के साथ मौके पर पहुंचे और विरोध किया। आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष ने हमला कर दिया तथा उनकी कार में भी तोड़फोड़ की।प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित पक्ष के अनुसार, विवाद के दौरान दोनों ओर से पथराव हुआ और उसके बाद फायरिंग शुरू हो गई। घटना में प्रधान प्रतिनिधि सत्येंद्र, उनके बेटे अभय और अमन, देवर मनोज, रवि, अतुल तथा एक राहगीर राहुल घायल हो गए। पीड़ित पक्ष का दावा है कि अभय और राहुल के पैर में गोली लगी है, जबकि सत्येंद्र पर लोहे की रॉड से हमला किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आई हैं।घटना के बाद सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में सत्येंद्र और अभय को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने सत्येंद्र की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है।घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीएम, क्षेत्राधिकारी (सीओ) तथा अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य एकत्र करने के लिए फील्ड यूनिट को भी बुलाया। इस बीच घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वाहन में तोड़फोड़ और फायरिंग जैसी गतिविधियां दिखाई दे रही हैं।पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उन्होंने एक दिन पहले भी थाने में शिकायत देकर जमीन पर कब्जे के प्रयास की जानकारी दी थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं होने के कारण यह हिंसक घटना हुई।अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला ग्राम समाज की जमीन पर कब्जे और वर्चस्व के विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। फायरिंग की घटना की जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
