फर्रुखाबाद भीम आर्मी में पद को लेकर विवाद, प्रदेश उपाध्यक्ष पर मनमानी के आरोप; जिला कमेटी में बढ़ा आक्रोश

फर्रुखाबाद/मोहम्मदाबाद, 10 अगस्त।फर्रुखाबाद में भीम आर्मी के संगठनात्मक ढांचे को लेकर विवाद सामने आया है। संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश वाल्मीकि पर मनमानी करने और संगठन में कथित तौर पर अपने स्तर से बदलाव करने के आरोप लगाए हैं। इस घटनाक्रम के बाद जिला कमेटी में असंतोष की स्थिति पैदा हो गई है और कई पदाधिकारियों के इस्तीफा देने की चर्चा तेज हो गई है।जानकारी के मुताबिक, 9 अगस्त 2026 को फर्रुखाबाद में भीम आर्मी की समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश वाल्मीकि द्वारा फर्रुखाबाद के जिलाध्यक्ष जयद्रथ कुमार को मंडल सचिव बनाए जाने की घोषणा किए जाने की बात सामने आई है। प्रदेश उपाध्यक्ष की ओर से इसे जिलाध्यक्ष का प्रमोशन बताया गया, लेकिन संगठन के कुछ पदाधिकारियों ने इस निर्णय पर सवाल खड़े कर दिए।जिला संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि जिलाध्यक्ष के पद की तुलना में मंडल सचिव का पद संगठनात्मक रूप से किस स्तर पर है, इसे लेकर स्पष्टता आवश्यक है। इसी मुद्दे को लेकर बैठक के बाद जिला संगठन के भीतर नाराजगी बढ़ने की बात कही जा रही है।फर्रुखाबाद भीम आर्मी के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष डॉ. रामदास सागर ने प्रदेश उपाध्यक्ष कैलाश वाल्मीकि पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि प्रदेश उपाध्यक्ष द्वारा संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों के साथ उचित समन्वय के बिना फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोगों के साथ कथित सांठगांठ के कारण संगठन को नुकसान पहुंच रहा है।वहीं, संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया है कि क्या प्रदेश उपाध्यक्ष को जिला अध्यक्ष या जिला कार्यकारिणी में इस तरह का बदलाव करने का अधिकार है। हालांकि, इस संबंध में संगठन के आधिकारिक संविधान अथवा नियमावली के आधार पर स्थिति स्पष्ट होना अभी बाकी है।विवाद बढ़ने के बाद जिला कमेटी के कई पदाधिकारियों में नाराजगी की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि कुछ पदाधिकारी सामूहिक रूप से इस्तीफा देने के विकल्प पर भी विचार कर रहे हैं।संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि मामले को अब भीम आर्मी के संस्थापक एवं नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रत्न सिंह के समक्ष रखने की तैयारी की जा रही है। पदाधिकारियों का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व को पूरे मामले की निष्पक्ष जानकारी देकर संगठनात्मक विवाद का समाधान कराया जाना चाहिए।फिलहाल, फर्रुखाबाद भीम आर्मी में सामने आए इस विवाद को लेकर संगठन के स्थानीय पदाधिकारियों और प्रदेश नेतृत्व के बीच मतभेद खुलकर सामने आते दिखाई दे रहे हैं। अब सभी की निगाहें भीम आर्मी के शीर्ष नेतृत्व की संभावित कार्रवाई और इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

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