राजेपुर ब्लॉक के ग्राम बर्राखेड़ा में आज तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में गंगा नदी के दोनों किनारों पर तटबंध निर्माण की मांग को लेकर क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में पहुंचकर एकजुटता दिखाई और हर स्तर पर संघर्ष का संकल्प लिया।बैठक को संबोधित करते हुए तटबंध जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि तटबंध पूरे क्षेत्र के लिए जीवनरेखा साबित होगा। हर साल आने वाली बाढ़ से जनजीवन, खेती और आजीविका बुरी तरह प्रभावित होती है। बाढ़ से उबरने से पहले ही दोबारा बाढ़ आ जाती है, जिससे क्षेत्र की भरपाई कभी नहीं हो पाती। यदि पूरे क्षेत्र को सुरक्षित रखना है तो तटबंध का निर्माण अत्यंत आवश्यक है।संत समिति के अध्यक्ष एवं जूना अखाड़ा के महंत सत्यगिरी महाराज ने कहा कि संत समाज का क्षेत्र के प्रत्येक निवासी से गहरा लगाव है। लोगों की पीड़ा संत समाज की भी पीड़ा है। मां गंगा की कृपा तभी स्थायी रूप से बनी रहेगी जब उनके दोनों किनारों पर तटबंध बनेगा। इस जनहित के मुद्दे पर पूरा संत समाज साथ खड़ा है और हर जरूरत पर आगे बढ़कर सहयोग करेगा।राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे उर्फ अंगद ने कहा कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की पीड़ा उनकी खामोश आंखों में साफ दिखाई देती है। हर साल उजड़ना और फिर बसना उनकी नियति बन गई है। इस दर्द से मुक्ति का एकमात्र रास्ता तटबंध निर्माण है।प्रसिद्ध राम कथा प्रवक्ता आचार्य अमरीश जी महाराज ने कहा कि तटबंध बनने से क्षेत्र में खुशहाली आएगी, किसानों के खेतों में फसलें लहलहाएंगी और लोगों की परेशानियां कम होंगी। इसके लिए सभी को मिलकर इस जनहित की लड़ाई लड़नी होगी।वरिष्ठ अधिवक्ता एवं समाजसेवी लक्ष्मण सिंह ने कहा कि केवल नेताओं के भरोसे बैठने से कुछ हासिल नहीं होगा। तटबंध बनवाने के लिए जन आंदोलन जरूरी है और आवश्यकता पड़ी तो सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना होगा।हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव प्रताप सिंह उर्फ टिल्लू ने कहा कि क्षेत्र की समस्या का स्थायी समाधान तटबंध निर्माण ही है। वहीं राशन विक्रेता कोटेदार संघ के जिला अध्यक्ष अनिल तिवारी ने सरकार से चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि लोगों के धैर्य की परीक्षा न ली जाए और जल्द से जल्द तटबंध का निर्माण कराया जाए।बैठक का संचालन विकास अग्निहोत्री ने किया, जबकि अध्यक्षता ग्राम बर्राखेड़ा के प्रधान पति वीरेंद्र कुमार सिंह ने की।बैठक में प्रमुख रूप से अखिलेश तिवारी, पूर्व प्रधान योगेंद्र प्रसाद त्रिवेदी, प्रधान खुटिया अनूप, प्रधान बदनपुर सोनेलाल राजपूत, कोटेदार प्रदीप शुक्ला, राम बिहारी वाजपेई, संजीव अग्निहोत्री, विनोद सिंह, महेश तिवारी, सरोज सिंह, राजीव वर्मा, विपिन सिंह चौहान, शेरपाल सिंह, लाला सिंह, ब्रह्मानंद कुशवाहा, डॉ. सुखदेव सिंह, उदित मिश्रा, राघव शुक्ला, विपिन तिवारी, नीरज दुबे, प्रशांत पाठक, श्याम बाबू शुक्ला, संदीप मिश्रा, राजा सलमानी, विष्णु मिश्रा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गंगा तटबंध निर्माण के लिए आंदोलन को और तेज किया जाएगा, ताकि क्षेत्र को बाढ़ की विभीषिका से स्थायी निजात मिल सके।
